अगली मुलाकात होगी 21 अगस्त को
शेयर बाज़ार के साथ आज क्यों न कुछ अपनी और देश की बात कर लें। यह महीना असल में बड़ा खास है। 9 अगस्त को ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ व 15 अगस्त को आज़ादी की 70वीं वर्षगांठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से बोलेंगे तीसरी बार। अर्थव्यवस्था ठीक, पर अपग्रेड ज़रूरी। हम भी करेंगे तकनीकी व संपादकीय अपग्रेड। इसलिए 6 ट्रेडिंग सत्रों की छुट्टी। अगला कॉलम आएगा सोमवार, 21 अगस्त को। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी
दिग्गज भी खाते घाटा, मगर सीमा में
शेयर बाज़ार में जो 5% ट्रेडर कामयाब होते हैं, वे वहां खरीदते हैं जहां से गिरने की प्रायिकता न्यूनतम और बढ़ने की प्रायिकता अधिकतम होती है। इसी तरह वे वहां पर बेचकर निकल जाते हैं जहां बढ़ने की प्रायिकता न्यूनतम और गिरने की प्रायिकता अधिकतम होती है। इन बिंदुओं का फैसला वे पिछले डेटा के मद्देनज़र डिमांड व सप्लाई ज़ोन निकालकर करते हैं। वे गलत साबित होते हैं तो कम घाटा खाते हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
जानबूझ लें बाज़ार के दो अकाट्य सच
वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग के दो अकाट्य सच अमूमन हम स्वीकार नहीं कर पाते। पहला यह कि सारी तैयारियों के बावजूद यहां परिणाम का कोई भरोसा नहीं। यहां सारा खेल अनिश्चितता का है। इसे कोई नहीं बांध सकता। दूसरा सच यह कि यहां उस्तादों के लिए भी घाटे से बचना नामुमकिन है। यहां सफल ट्रेडर वही है जो जानता है कि ठीक से घाटा कैसे खाया जाए, घाटे को न्यूनतम कैसे रखा जाए। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी







