खबरों की बमबारी में धुआं हुआ सच
2017-08-28
सुबह से शाम ही नहीं, देर रात तक खबरों की बमबारी। पहले मामला अखबार तक सीमित था। अब चौबीस घंटों के न्यूज़ चैनल हमेशा ब्रेकिंग न्यूज़ परोसते रहते हैं। उनका मकसद हमें खबर देना नहीं, बल्कि हमारा ध्यान खींचना होता है ताकि हम ज्यादा से ज्यादा संख्या में उनके कार्यक्रम देखें, उनकी टीआरपी बढ़े और उन्हें ज्यादा व महंगे विज्ञापन मिलें। हमें पता भी नहीं चलता कि सच क्या है और झूठ क्या। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

