बाज़ार बना देता हमारे अहं को शून्य
2017-08-24
बाज़ार में जब हम गलत साबित होते हैं तो इससे हमारा कुछ घटता नहीं। भले ही स्टॉप-लॉस थोड़ा घाटा लगा दे। लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि हमारा अहं पहले से छोटा पड़ जाता है। यह अहं छोटा पड़ते-पड़ते जिस दिन एकदम खत्म हो जाता है, शून्य हो जाता है, उसी दिन से वित्तीय बाज़ार में हमारी कमाई की राह खुलती है। अहं घर पर चलता है, बाज़ार में कतई नहीं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

