बाज़ार की संभवतः सबसे बड़ी सीख है विनम्रता। वह हमें आईना दिखाता है। यह भी सिखाता है कि हम दूसरों की आंख में आंख डालकर कह सकें कि हां, मैं गलत था। यहां अपनी गलती माननेवाले जीतते हैं। वहीं, जो अहंकारवश जिद पकड़े रहते हैं, बाज़ार उनकी सारी हेंकड़ी भुला लेता है। जो बुद्धिजीवी बाज़ार के बजाय सत्ता की ताकत पर भरोसा करते हैं, वे इतिहास के कूड़ेदान में जाने को अभिशप्त हैं। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी