समझनी पड़ेंगी बाज़ार की बारीकियां
2016-04-18
वित्तीय बाज़ार आम बाज़ारों जैसे नहीं हैं कि आप गए, दो-चार जगह मोलतोल किया और माल खरीद लिया। यहां आप खरीदार भी हैं और विक्रेता भी। दूसरे, यहां थोक व रिटेल बाज़ार अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ चलते हैं। यहां पुराने देशी खुर्राट ही नहीं, विदेश की दक्ष संस्थाएं भी जमकर काम करती हैं। किसी को भी अगर वित्तीय बाज़ार से कमाना है तो इसकी अन्य बारीकियों को बड़े कायदे से समझना होगा। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

