पक्का है कि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाज़ार से कमाते ही होंगे। लेकिन कितना? इसका अंदाज़ नहीं है। लेकिन उन्होंने बीते वित्त वर्ष में अपने शेयर बाज़ार से 14,172 करोड़ रुपए निकाले हैं। शायद सूचकांकों के गिरने की बड़ी वजह भी यही है। 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद पहली बार उन्होंने इस तरह की शुद्ध निकासी की है। वैसे नए वित्त वर्ष के पहले महीने में उनकी खरीद चालू है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी