यह हमारी सीमा, वह हमारी कमज़ोरी
कोई शेयर अगर नई खबर आने पर जमकर घट-बढ़ गया और हम उसकी चाल को नहीं पकड़ पाए तो यह हमारी गलती नहीं, बल्कि सीमा है। न्यूज़ के मामले में हम हमेशा फिसड्डी ही रहेंगे। दूसरा हमें खबर नहीं, झांसा देता है। चैनल हमें बम नहीं, उसकी खाली खोल थमाते हैं। लेकिन सामान्य हालात में अगर हम खरीदने-बेचनेवालों का संतुलन देखकर शेयर की भावी चाल नहीं भांप सके तो यह हमारी कमज़ोरी है। अब धार मंगलवार की…औरऔर भी





