काया छोड़ फंसे हैं छाया की माया में
2014-09-15
रिस्क भले ही ज्यादा हो, लेकिन कम दिखे तो लोग उधर ही भागते हैं। अपने यहां शेयर बाज़ार में यही हो रहा है। लोगबाग डेरिवेटिव ट्रेडिंग की तरफ टूटे पड़े हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग वोल्यूम में देशी-विदेशी संस्थाओं का हिस्सा मात्र 17% है और बाकी 83% सौदे रिटेल व प्रॉपराइटरी ट्रेडर करते हैं जबकि लिस्टेड कंपनियों में इनका निवेश मात्र 18% है। काया को छोड़ पकड़ी छाया की माया! अब आगाज़ हफ्ते का…औरऔर भी

