गांव-देहात से लेकर शहर के तमाम लोग अब पढ़-लिखकर नौकरी का इंतज़ार करने की निरर्थकता समझने लगे हैं। उन्हें लगता है कि इससे तो बिजनेस करना ही ठीक है। पर बिजनेस में ज्यादातर लोगों की सोच व्यापार या दलाली से ऊपर नहीं जाती। जिनकी सोच इससे ऊपर जाती है उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं होती। ऐसे ही लोगों को बिजनेस में उतरने का मौका देता है बनी-बनाई कंपनियों के शेयरों में निवेश। आज ऐसी ही एक कंपनी…औरऔर भी