पैसे का कोई पेड़ नहीं लगता कि गए और तोड़कर आ गए। यह किसी भी दौर के व्यापकतम सामाजिक अंतर्संबंधों में व्याप्त विनियम मूल्य का मूर्त स्वरूप है। यह सोमनाथ के ऐतिहासिक मंदिर में शिव की मूर्ति की तरह हवा में लटका हुआ दिख सकता है। लेकिन इसका पोर-पोर किसी न किसी ने दांतों से दबा रखा है। अंग्रेजी में कहावत है कि कहीं कोई फ्री लंच नहीं होता। इसलिए शेयर बाजार को पैसा बनाने का आसानऔरऔर भी

कभी किसी से इतना प्यार न करो कि उसके बिना ज़िंदगी सूनी हो जाए। कभी किसी पर इस कदर भरोसा न करो कि उसके टूटने पर किसी और पर भरोसा ही न जमे। जीने के लिए ऐसा निर्लिप्त भाव जरूरी है।और भीऔर भी