शेयर बाजार के बारे में एक सिद्धांत नहीं, बल्कि परिकल्पना है जिसके मुताबिक, कोई भी निवेशक न तो दबे हुए मूल्य के स्टॉक को खरीद सकता है और न ही बढ़े हुए मूल्य के स्टॉक को बेच सकता है। इसे ईएमएच, एफिशिएंट मार्केट हाइपोथिसिस कहते हैं जिसे हम हिंदी में कुशल बाजार परिकल्पना कह सकते हैं। यह परिकल्पना सस्ते में खरीदो, महंगे में बेचों के सूत्र के परखचे उड़ा देती है। कहती है कि कोई भी निवेशकऔरऔर भी

हफ्ते के सातों दिन किसी न किसी देव को समर्पित हैं जो हमारे ही अंतर्निहित तत्वों के नाम हैं। इनमें से सबसे प्रखर देव सूर्य और शनि हैं। लेकिन इन दोनों ही दिनों हम निढाल पड़े जम्हाई ले रहे होते हैं!और भीऔर भी