यूं तो कम पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहे स्टॉक दूरगामी निवेश के लिए सबसे मुफीद होते हैं। लेकिन कभी-कभी कोई कंपनी इतनी नामी हो जाती है, उसकी साख, उसका खास अंदाज, उसकी भावी योजनाएं उसके बारे में निवेशकों को आशा से भर देती हैं और उसका स्टॉक ज्यादा पी/ई पर ट्रेड होने लगता है। किशोर बियानी के फ्यूचर समूह का हिस्सा पैंटालून रिटेल (बीएसई – 523574, एनएसई – PANTALOONR) ऐसी ही कंपनी है। उसका दो रुपएऔरऔर भी

हनुंग टॉयज एंड टेक्सटाइल्स कल बीएसई (कोड – 532770) में 2.19 फीसदी बढ़कर 198.50 रुपए और एनएसई (कोड – HANUNG) में भी 2.19 फीसदी बढ़कर 198.60 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन यह अब भी बहुत सस्ता है। कारण, कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (शुद्ध लाभ प्रति शेयर) 48.59 रुपए है। इस तरह मौजूदा भाव पर यह मात्र 4.09 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। शेयर की बुक वैल्यू ही 190.11औरऔर भी

सिकागेन इंडिया (बीएसई – 533014, एनएसई – SICAGEN) कभी सिकाल लॉजिस्टिक्स का हिस्सा हुआ करती थी। सिकाल लॉजिस्टिक्स ने करीब तीन साल पहले मद्रास हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अपने नॉन-लॉजिस्टिक्स बिजनेस को सिकागेन इंडिया के रूप में डीमर्ज कर दिया। तब सिकाल लॉजिस्टिक्स के हर शेयरधारक को सिकागेन इंडिया का 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर 74.50 रुपए प्रीमियम यानी, 84.50 रुपए पर एलॉट किया गया था। आज सिकागेन का वही शेयर गिरते-गिरते 19औरऔर भी

वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड (बीएसई – 532757, एनएसई – VOLTAMP) नाम के अनुरूप बिजली के ट्रांसफॉर्मर बनाती है, अलग-अलग तरह के। 1967 से इसी काम में लगी है। वडोदरा (गुजरात) में उसकी फैक्टरी है। जर्मनी की दो कंपनियों मोरा और एचटीटी के साथ उसका तकनीकी गठबंधन है। कंपनी सरकारी व अर्ध-सरकारी परियोजनाओं, राज्य बिजली बोर्डों, रिफाइनरी, उर्वरक संयंत्र, फार्मा, स्टील, कागज व सीमेंट जैसे उद्योगों को अपने उत्पाद बेचती है। एबीबी, सीमेंस व एल एंड टी जैसी इंजीनियरिंगऔरऔर भी

कंपनियां भी हमारे-आप जैसे इंसान ही चलाते हैं तो जिस तरह अनागत का भय हमें कभी ज्योतिष तो कभी न्यूमेरोलॉजी के चक्कर में खींच ले जाता है, वैसा बहुत सारी कंपनियों के साथ भी होता है। जैसे, नाम सीधा-सा है एस डी एल्यूमीनियम। इसे पढ़ेंगे और हिंदी में लिखेंगे भी ऐसे, लेकिन अंग्रेजी में इसे कर दिया – Ess Dee Aluminium। खैर, हमें नाम से क्या, हमें तो काम से काम है। एस डी एल्यूमीनियम का शेयरऔरऔर भी

देश के तकरीबन सारे परिवार वित्तीय रूप से बीमार हैं। यह कहना है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के निदेशक बोर्ड की इकलौती महिला सदस्य और ब्रोकर फर्म असित सी मेहता की प्रबंध निदेशक दीना मेहता का। उनके मुताबिक, “आज के दौर में महिलाओं और बच्चों को वित्तीय क्षेत्र से दूर रखना कोई भी परिवार गवारा नहीं कर सकता। अपनी बचत फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में रखने से कुछ नहीं होनेवाला क्योंकि मुद्रास्फीति आपके पैसे को खा जाती है।औरऔर भी

जेके पेपर। दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर कल बीएसई (कोड – 532162) में 46.20 रुपए और एनएसई (कोड – JKPAPER) में 46.15 रुपए पर बंद हुआ है। शेयर की बुक वैल्यू है इसकी लगभग डेढ़ गुनी 70.78 रुपए। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीने (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 14.13 रुपए है। यानी, यह शेयर अभी ट्रेड हो रहा है मात्र 3.27 के पी/ई अनुपात पर। वह भी तब, जब कंपनी पुरानी है, समूह जानामानाऔरऔर भी

चार महीने पहले 9 नवंबर 2010 को गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स कंपनी का जो शेयर (बीएसई – 500670, एनएसई – GNFC) 144 रुपए पर था, अब 9 मार्च 2010 को घटकर 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 96.60 रुपए पर आ गया है। इस बीच ऑपरेटरों के खेल को छोड़ दें तो कंपनी के साथ सब कुछ शुभ-शुभ ही हुआ है। कम से कम ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है जो उसका शेयर करीब 33 फीसदी गिर जाए।औरऔर भी

एचटी मीडिया। देश के दूसरे सबसे ज्यादा पढ़े जानेवाले अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स और सबसे तेजी से बढ़ते हिंदी अखबार हिंदुस्तान की प्रकाशक। जुलाई 2010 से हिंदुस्तान को कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी, हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स (एचएमवीएल) में डालकर अलग से लिस्ट करा दिया। लेकिन 77.72 फीसदी हिस्सेदारी के कारण उसके विकास का आनुपातिक लाभ इसे भी मिलता रहेगा। एचडी मीडिया के शेयर में कल अचानक काफी ज्यादा कारोबार हुआ है। बीएसई (कोड – 532662) में 35,000 केऔरऔर भी

अबन ऑफशोर (बीएसई – 523204, एनएसई – ABAN) में इधर हरकत चालू है। कल बीएसई में 3.66 फीसदी की बढ़त और औसत से दोगुने कारोबार के साथ 606.70 रुपए पर बंद हुआ है। वैसे, हफ्ते भर पहले यह 533.80 रुपए, महीने भर पहले 654.40 रुपए और ठीक साल भर पहले 8 मार्च 2010 को 1313.10 रुपए पर था जो इसका 52 हफ्ते का उच्चचम स्तर है। इसी साल 10 फरवरी 2011 को 511.15 रुपए की तलहटी पकड़औरऔर भी