एफआईआई का रुख अभी साफ नहीं
हमारे शेयर बाज़ार की दशा-दिशा के सबसे बड़े निर्धारक हैं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई)। एफआईआई भी इन्हें कहा जाता है। बजट के बाद इन्होंने अभी तक रुख साफ नहीं किया है। जब तक इनका रुख स्पष्ट नहीं होता, तब तक बाज़ार यूं ही दिशाहीन रहेगा। ये संस्थाएं निवेश की निश्चित रकम हर तिमाही के लिए आवंटित कर देती हैं। फिर उसके मुताबिक अनुशासन में बंधकर बाज़ार में धन डालती या उससे निकालती हैं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
