पीड़ा शेयर बाज़ार के मारे निवेशक की
कहने को अपने यहां निवेशक संरक्षण कोष हैं। ये कोष स्टॉक एक्सचेंजों के पास हैं। साथ ही कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन अलग से निवेशक शिक्षा व संरक्षण कोष बना हुआ है। मगर सच्चाई यह है कि शेयर बाज़ार का मारा निवेशक सेबी और स्टॉक एक्सचेजों के दरवाजों पर सिर पटकता रह जाता है। यही वजह है कि तीन दशकों से निजी निवेशकों की संख्या आबादी के लगभग 2% पर अटकी पड़ी है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
