खरीदने की आतुरता बड़ी या बेचने की व्यग्रता!
हमेशा याद रखें। शेयर बाज़ार की ट्रेडिंग ‘ज़ीरो-सम गेम’ है। किसी का नुकसान, दूसरे का फायदा। यहां पक्का कुछ नहीं, सिर्फ और सिर्फ प्रायिकता चलती है। लग गया तो तीर, नहीं तो तुक्का। मोटा-सा नियम कि जिस स्टॉक को खरीदने की आतुरता ज्यादा, वो बढ़ेगा और जिसे बेचने की व्यग्रता ज्यादा, वो गिरेगा। यह भी ध्यान रहे कि देशी-विदेशी संस्थाओं की खरीद या बिकवाली से ही शेयरों के भाव पर असर पड़ता है। प्रोफेशनल ट्रेडर यही पकड़नेऔरऔर भी
