बायोकॉन लिमिटेड दवा व्यवसाय से ज्यादा अपनी चेयरमैन व प्रबंध निदेशक किरण मजुमदार शॉ के नाम से जानी जाती है। बीते शुक्रवार, 21 जनवरी को उन्होंने बैंगलोर में कंपनी के दिसंबर 2010 तिमाही के नतीजे पेश करते हुए कहा था, “बायोकॉन ने अब तक का सबसे ज्यादा कर-बाद लाभ घोषित किया है और यह 100 करोड़ के पार चला गया है। कंपनी का परिचालन लाभ मार्जिन भी इस तिमाही में 24 फीसदी बढ़ गया है। यह हमारे विकास के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो हमें रिसर्च कार्यक्रमों पर ज्यादा निवेश के काबिल बनाता है।”
अच्छे नतीजे, भावी विकास की दिशा। इसके बावजूद कंपनी का शेयर (बीएसई – 532523, एनएसई – BIOCON) बढ़ने के बजाय 25 जनवरी तक गिरकर नीचे में 363.15 रुपए तक चला गया। हालांकि बंद हुआ 365.10 रुपए पर। मान जाता है कि बाजार आगे की चीजों को पहले से डिस्काउंट करके चलता है। लेकिन समझ में नहीं आता कि बायोकॉन का शेयर इसी महीने 4 जनवरी को ऊपर में 430.50 रुपए तक जाने के बाद के 15 कारोबारी सत्रो में 15 फीसदी से ज्यादा क्यों गिर गया है? इस सवाल पर सोचें और भारतीय शेयर बाजार की हकीकत को समझने की कोशिश करें।
बायोकॉन तीन दशक पुरानी 1978 में बनी रिसर्च आधारित विश्वस्तरीय कंपनी है। बीती दिसंबर तिमाही में उसका फार्मा बिजनेस 15 फीसदी और क्रैम्स (कांट्रैक्ट रिसर्च एंड मैन्यूफैक्चरिंग सर्विसेज) बिजनेस 12 फीसदी बढ़ा है। कच्चे माल की लागत घटने से उसका सकल लाभ मार्जिन 20.2 फीसदी से बढ़कर 23.3 फीसदी हो गया है। हालांकि इसी दौरान कार्यशील पूंजी या रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च बढ़ने के कारण उसकी ब्याज अदायगी 2.7 करोड़ रुपए से 141 फीसदी बढ़कर 6.6 करोड़ रुपए हो गई है। लेकिन इसी दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 25 फीसदी बढ़कर 100.8 करोड़ रुपए हो गया है।
कंपनी ने बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी फाइजर के इंसूलिन उत्पादों के लिए उसके साथ एक वैश्विक करार किया है। इसके लिए बीती तिमाही में उसे फाइजर से 75 करोड़ रुपए की लाइसेंसिंग रकम मिली है। एचडीएफसी सिक्यूरिटीज का मानना है कि इस करार के बाद संभावना इस बात की है कि कंपनी भारत के घरेलू बाजार में फाइजर इंडिया के साथ मिलकर उसके इंसूलिन उत्पादों की मार्केटिंग करेगी। इससे कंपनी का धंधा और मुनाफा दोनों ही बढ़ेगा।
बायोकॉन का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर शुद्ध लाभ) 22.19 रुपए है और उसका शेयर 16.45 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। एचडीएफसी सिक्यूरिटीज का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष 2011-12 में बायोकॉन का ईपीएस 26.7 रुपए रहेगा। उसका कहना है कि कंपनी के शेयर को इस समय खरीद लेना चाहिए और साल भर में यह 534 रुपए तक (20 पी/ई X 26.7 ईपीएस) जा सकता है। इस तरह साल भर में इसमें करीब 46 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।
