ताकि, आह न बने तेजी की वाह

बाजार ने तेजी का एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया। सेंसेक्स 20,000 के पार तो निफ्टी 6000 के पार जाकर बंद हुआ। इस मौके पर मैं अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकता। फिर भी आपको चेतावनी देने से खुद को नहीं रोक पा रहा। एक बात जान लें कि जुनून जितना तल्ख होगा, करेक्शन उतना ही गहरा होगा और आपकी पूरी बैलेंस शीट चंद दिनों में साफ हो सकती है। मगर, शॉर्ट सौदे करते वक्त भारतीय तेजड़ियों को कमतर मत आंकिएगा। मैं फिर वही कहूंगा कि जहां भी संभव हो, शॉर्ट करिए, लेकिन हेजिंग के साथ।

कल निफ्टी कैश 5980 पर बंद हुआ, लेकिन निफ्टी सितंबर फ्चूयर उससे 25 अंक ऊपर 6005 और निफ्टी अक्टूबर फ्यूचर 45 अंक प्रीमियम के साथ 6029 पर। निफ्टी सितंबर में 2.51 करोड़ शेयरों के सौदे हुए, जबकि अक्टूबर निफ्टी में वोल्यूम महज 33 लाख शेयरों का रहा। यह दर्शाता है कि बाजार की एकतरफा तेजी में रोलओवर का भी तत्व शामिल है। रोलओवर का सिलसिला अधिक से अधिक बुधवार से शुरू हो जाएगा क्योंकि इस बार ओपन इंटरेस्ट काफी ज्यादा बढ़ जाने के कारण रोलओवर में सात दिन का वक्त लगेगा। कोई रोलओवर उतार-चढ़ाव के बिना नहीं बीतता और आप अचंभे में पड़ सकते है जो निफ्टी दो कारोबारी सत्रों में तकरीबन 200 अंकों का गोता लगा गया। तब आपका सारा हिसाब-किताब चौपट हो जाएगा।

इसलिए मेरे तईं बाजार अभी ओवरबॉट स्थिति में है। हालांकि ऑपरेटर मंदड़ियों की आखिरी पैंट भी उतरवाने की फिराक में लगे हैं। लेकिन ध्यान रखें, जिस दिन मंदड़िये हथियार डाल देंगे, बाजार शिखर पर पहुंचने के बाद उसी दिन से गिरने लगेगा। और, ऐसा कब होगा, यह ऑपरेटर ही आपको बता सकते हैं। हो सकता है ऐसा अगले सेटलमेंट में हो। मुमकिन है कि ऑपरेटर भी यही चाहते हों कि मंदड़िये अपनी शॉर्ट पोजिशन अगले सेटलमेंट तक ले जाएं और अगर ऐसा होता है तो करेक्शन का आना तय है क्योंकि सेटलमेंट की समाप्ति और पोजिशन के खत्म होते ही खाते में घाटा चढ़ जाता है और कोई रोलओवर नहीं होता। किसी भी सूरत में मंदड़िये इस सेटलमेंट में अपनी पोजिशन काट लेंगे, भले ही आगे उसे और बढ़ाना पड़े।

फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ओपन इंटरेस्ट दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है जो बाजार के अब तक के शिखर से काफी अधिक है। पिछली तेजी के दौरान जनवरी 2008 में यह 1.2 लाख करोड़ रुपए का था। बाजार के तमाम खिलाड़ी निफ्टी और बैंक निफ्टी में शॉर्ट है। इनमें से कुछ तो सेटलमेंट के अंत तक निपटने की उल्टी गिनती शुरू कर चुके हैं।

बाजार चालू वित्त वर्ष 2010-11 के अनुमानित लाभ के आधार पर 21 के पीई अनुपात पर चल रहा है और इसने अभी से 2011-12 के लाभ को संज्ञान में ले लिया है। यह बहुत पहले की गई शुद्ध जल्दबाजी है। बाजार का यह स्तर वाकई टिकाए नहीं रखा जा सकता क्योंकि तेजी का आधार व्यापक नहीं है। यह गिने-चुने शेयरों  तक सीमित है। अगर केवल लिक्विडिटी या नकदी ही बाजार को बढ़ा रही है तो इस तेजी को परिधि के शेयरों तक, बी ग्रुप के स्टॉक्स तक और सभी सेक्टरों तक फैला होना चाहिए था।

जहां तक हम देख पा रहे हैं वह यह है कि केवल वही शेयर बढ़ रहे हैं जिनमें शॉर्ट सौदे फंसे पड़े हैं और जहां ऑपरेटर व एफआईआई मिलकर मंदिड़ियों से दो-दो हाथ कर रहे हैं। जब तक रिटेल निवेशक पर्याप्त रिटर्न नहीं हासिल करता, तब बाजार का दीर्घकालिक स्वास्थ्य डांवाडोल रहेगा। और, रिटेल निवेशक अब भी बाजार से पैसा बनाने से कोसों दूर हैं। वे तो जो कुछ उनके पास है, उसे बेचकर निकल जाना चाहते हैं।

मेरा सुझाव है कि इस समय कृपया लांग और शॉर्ट सौदों में मूल्य के लिहाज से वाजिब हेजिंग करते रहें। अगर आप निफ्टी में शॉर्ट हैं तो आपको दबे हुए भावों के स्टॉक्स में लांग होना चाहिए। इस समय मुझसे किसी चमत्कार की उम्मीद न करें क्योंकि 6000 अंक पर कितना जोखिम होता है, इसका अंदाजा कोई भी लगा सकता है। मैंने तो बाजार को 6000 अंकों तक लाकर अपनी वचनबद्धता पूरी कर दी है।

लिक्विडटी बाजार को चलाती है, लेकिन लगातार नहीं। आप इस बात का इंतजार नहीं कर सकते कि कुछ एफआईआई अपना पैसा निकाल लें और बाजार धड़ाम से नीचे आ जाए क्योंकि वैसी हालत में बाजार आपको मौका नहीं देगा और तब फटाक से कुछ कर दिखाने के लिए हमेशा की तरह काफी देर हो चुकी होगी। इस मुकाम पर सबसे खतरनाक तरीका है टेक्निकल एनालिसिस का, जो गलत संकेत ही पैदा करेगा।

हर बात पर, हर किसी से सहमत हो जाने का मतलब यही होता है कि आपने सोचना बंद कर दिया है और गुलामी की मानसिकता में जीने लगे हैं।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ हैलेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

1 Comment

  1. SIR,
    WHAT IS THE MEANING OF (SHORT & HEZING), LONG POSITION, AND WHO ARE OPERATORS. PLZ CLEAR. WE DON’T KNOW THIS CRITICAL WORD MEANINGS.

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