शेयर बाज़ार डर और लालच की आदिम भावनाओं से चलता है। अक्सर ये भावनाएं इतनी हावी हो जाती हैं कि कंपनियों की मूलभूत स्थिति कोई मायने ही नहीं रखती। कंपनी का कोई धंधा ही नहीं। है भी तो अभी चल नहीं रहा। फिर भी उसके शेयर आसमान छूने लगते हैं। अडाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर इसका शानदार उदाहरण रहा है, जब सच्चाई को नज़रअंदाज़ लालच उसके सिर चढ़कर बोल रहा था। हालांकि कभी-कभी कंपनियों के प्रवर्तकों से जुड़े ऑपरेटर भी ऐसा खेल खेलते हैं। दूसरी तरफ यह भी होता है कि मूलभूत से मजबूत और बराबर अच्छे नतीजों के बावजूद कंपनियों के शेयर गिर जाते हैं। तब बाज़ार तथ्यों व सच से ज्यादा डर को तरजीह दे रहा होता है। लम्बे समय के निवेशकों को बाज़ार में छाए डर के चलते दबे हुए मूलभूत रूप से मजबूत स्टॉक्स या कंपनियों को पकड़ने की कोशिश करनी चाहिए। हो सकता है कि एकाध तिमाही के खराब नतीजों को बाज़ार ज्यादा ही बढ़ा-चढ़ाकर देख रहा हो। यह भी संभव है कि कुछ ऑपरेटर सायास उस स्टॉक को दबा रहे हों, जबकि कंपनी ने अपने उद्योग से बेहतर काम किया हो। आज तथास्तु में पेश है एक ऐसी ही दबी हुई कंपनी…
यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...
