पिछले आठ वित्तीय सालों में से कोई ऐसा साल नहीं रहा है जब दिया गया कृषि ऋण निर्धारित लक्ष्य से कम रहा हो। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में भी अप्रैल-दिसंबर तक के नौ महीनों में 3,40,716 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है जो पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 71.73 फीसदी है। कृषि मंत्रालय का कहना है कि पिछले दो महीनों और वर्तमान महीने के ऋण वितरण का आंकड़ा अभी जुटाया जाना है। इसलिए संपूर्ण ऋण वितरण 4,75,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक हो जाने की संभावना है।
मालूम हो कि नए वित्त वर्ष 2012-13 के लिए बजट में कृषि ऋण का लक्ष्य 5,75,000 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है जो मौजूदा वित्त वर्ष से 1,00,000 करोड़ रुपए ज्यादा है। इन ऋणों में सरकार को अपनी जेब से कुछ नहीं देना होता। उसने तय कर रखा है कि बैंकों को अपने कुल ऋण का 40 फीसदी हिस्सा प्राथमिकता क्षेत्र को देना है जिसमें से 18 फीसदी कृषि को देना जरूरी है।
बीते वित्त वर्ष 2010-11 में 3,75,000 करोड़ रुपए के कृषि ऋण के लक्ष्य की तुलना में 4,46,779 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया था। 2003-04 से ऋण वितरण लक्ष्य से बहुत अधिक रहा है। 2003-04 में कृषि ऋण 86,981 करोड़ था जो 2011-12 में 31 दिसंबर 2011 तक ही 3,40,716 करोड़ रुपए हो चुका है।
कृषि ऋण की स्थिति (करोड़ रुपए में)
| वित्त वर्ष | लक्ष्य | उपलब्धि |
| 2004-05 | 104500 | 125309 |
| 2005-06 | 141000 | 180485 |
| 2006-07 | 175000 | 229400 |
| 2007-08 | 225000 | 254658 |
| 2008-09 | 280000 | 301908 |
| 2009-10 | 325000 | 384514 |
| 2010-11 | 375000 | 446779 |
| 2011-12 | 475000 | 340716 (31.12.2011 को) |
