पीडीएस पर नीलेकणी ने सौंपी अंतिम रिपोर्ट

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की रणनीति सुझाने के लिए बने कार्यदल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट बुधवार को वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी को सौंप दी। वित्‍त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 के बजट भाषण में मिट्टी के तेल, रसोई गैस व उर्वरक पर सब्सिडी कंपनियों के बजाय सीधे ग्राहक को देने के विषय पर इस कार्यदल के गठन की घोषणा की थी। इस कार्यदल या टास्क फोर्स की अध्यक्षता भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के प्रमुख नन्‍दन नीलेकणी को सौंपी गई थी।

कार्यदल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट जून 2011  में दे दी थी। जुलाई 2011  में कार्यदल का अधिकार क्षेत्र बढ़ा दिया गया और उसके दायरे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए सूचना प्रौद्योगिकी रणनीति और खाद्य वस्तुओं व मिट्टी के तेल के संदर्भ में सब्सिडी सीधे देने का मसला ले आया गया। कार्यदल ने सूचना प्रौद्योगिकी का कार्यान्‍वयन दो चरणों में करने की सिफारिश की है।

कार्यदल ने कहा कि देश भर में पीडीएस प्रणाली के शुरू से लेकर अंत तक कंप्यूटरीकरण के लिए एक समर्पित संस्थागत तंत्र बनाया जाए। उसकी सिफारिश ऐसी राष्ट्रीय सूचना सुविधा बनाने की है जिसे पीडीएस नेटवर्क कहा जाएगा और जिसके ऊपर संबंधित आईटी तंत्र को लगाने से लेकर चलाने तक की जिम्मेदारी होगी। साठ पन्नों की रिपोर्ट में कार्यदल ने हर काम को ब्योरेवार तरीके से बताया है।

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