बाज़ार, अनिश्चितता और अस्पताल!

बाज़ार की तरह जीवन में भी अनिश्चितता कोई कम नहीं। पिछले गुरुवार (26 अक्टूबर) को 101 डिग्री तक बुखार चढ़ा तो लगा कि क्रोसीन वगैरह लेकर मामला ठीक हो जाएगा। लेकिन अगले दिन वो और चढ़ गया। 102 बुखार में किसी तरह शुक्रवार का कॉलम लिखा। दोपहर होते-होते बुखार 103 के पार चला गया। हालत इतनी खराब हो गई कि अंततः अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। कल ही रात अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर वापस आया हूं।

डॉक्टर ने कम से कम एक हफ्ते तक शारीरिक और मानसिक स्तर पर पूरा आराम करने की सलाह दी है। इसलिए यह कॉलम पूरी तरह स्वस्थ होने पर ही पेश कर पाऊंगा। लेकिन आप सभी सब्सक्राइबरों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। आपके सब्सक्रिप्शन की अवधि खुद-ब-खुद बढ़ा दी जाएगी। वैसे, लगातार चढ़ते बाज़ार को कुछ दिन बाहर से देखने का अपना आनंद है। मैं तो फिलहाल बाज़ार से दूर ही रहूंगा। लेकिन आप चाहें तो बाज़ार को देखने का आनंद बाहर से ले सकते हैं, उसी तरह जैसे स्टेडियम में बैठकर फुटबॉल मैच का आनंद लिया जा सकता है।

इस बीच हमारी कोशिश रहेगी कि ट्रेडिंग के गुर संबंधित लेख इस कॉलम में पेश करते रहा जाए।

2 Comments

  1. Dear Sirji

    take care of your health

    Prasad

  2. Author

    Thank you, Prasadji.

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