कम कैश की अर्थव्यवस्था पर चली सरकारी क्लास

केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू कम नकदी अर्थव्यवस्था की सुविधा और डिजिटल व ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अधिकारियों को तैयार करने में जुट गए हैं। नायडू के पास शहरी विकास, आवास व शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय भी है।

उन्होंने बुधवार को अपने दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल सहज लेनदेन के माध्यम से देरी कम करने और भ्रष्टाचार तथा कालेधन की समस्या को समाप्त करने का एक प्रयास है। उन्होंने बताया कि सरकार के जेएएम (जन-धन, आधार और मोबाइल) पहल से भी इस बदलाव में सुविधा होगी।

इस अवसर पर नायडू ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कर्मचारियों को बिना नकदी और डिजिटल लेनदेन करने की सलाह दें, ताकि रोजमर्रा के लेनदेने में कागजी करेंसी का कम से कम इस्तेमाल हो। अधिकारी व कर्मचारी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में रोजमर्रा के कामों में भी इसी तरह काम कर सकते हैं। मंत्री महोदय ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस और मोबाइल वॉलेट सहित डिजिटल लेनदेन के लिए उपलब्ध कुछ मंचों के बारे में भी बताया।

विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में सूचना व प्रसारण राज्यमंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, सूचना व प्रसारण मंत्रालय में सचिव अजय मित्तल, शहरी विकास मंत्रालय में सचिव राजीव गाबा और आवास व शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय में सचिव डॉ. नंदिता चटर्जी के साथ ही दोनों मंत्रालयों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

“सरकार-लेनदेन के विभिन्न मंचों और पद्धतियों सहित कम नकदी अर्थव्यवस्था के लिए नागरिक लेनदेन” विषय पर नीति आयोग की टीम द्वारा तैयार की गई प्रस्तुति भी पेश की गई। प्रस्तुति के बाद सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया।

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