ई-मेल, एसएमएस व फोन द्वारा लॉटरी जीतने और ईनाम देने के फर्जीवाड़े से जनता को जागरूक करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अब मीडिया का सहारा ले रहा है। रिजर्व बैंक ने जनता को धोखाधड़ी वाली लाटरियों में न फंसने के लिए टेलीविजन व रेडियो में विज्ञापन प्रसारित करवाने के साथ ही अब प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी जागरूक करने में लग गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के क्षेत्रीय निदेशक बाजिलऔरऔर भी

यूरोप के निवेशक जल्द ही भारतीय शेयरों पर भी दांव लगा सकेंगे। देश का सबसे पुराना शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) जर्मनी में फ्रैंकफर्ट स्थित डॉयचे बोर्स से बातचीत कर रहा है ताकि वहां बीएसई सेंसेक्स आधारित डेरिवेटिव सौदों की ट्रेडिंग शुरू की जा सके। जर्मन भाषा में बोर्स का मतलब बाजार या एक्सचेंज होता है। बीएसई के एक एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डॉयचे बोर्स में में सेंसेक्स फ्यूचर्स और सेंसेक्स ऑप्शंस में कारोबार शुरूऔरऔर भी

इनफोसिस टेक्नोलॉजीज जैसी नामी कंपनी को भी छोड़कर जानेवालों की कमी नहीं है। इनफोसिस देश में टीसीएस के बाद दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। वहां काम का माहौल जबरदस्त माना जाता है। कंपनी ने इसी 2 जुलाई को अपनी तीसवीं सालगिरह पर सभी कर्मचारियों को 5.69 लाख शेयर मुफ्त में बांटे हैं। लेकिन इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल-जून की पहली तिमाही में उसे छोड़कर जानेवाले कर्मचारियों की संख्या 15.8 फीसदी बढ़ गई है।औरऔर भी

बीएएसएफ इंडिया रसायन बनानेवाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है। इसकी इक्विटी में मूल यूरोपीय समूह बीएएसएफ से जुड़ी पांच कंपनियों की कुल 71.69 फीसदी हिस्सेदारी है। एलआईसी, जीआईसी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस ने इसके कुल 5.30 फीसदी शेयर खरीद रखे हैं। एफआईआई के पास कंपनी के महज 0.12 फीसदी शेयर हैं। सोमवार को बीएसई में इसके मात्र 14,038 शेयरों में कारोबार हुआ जिसमें से 6481 शेयर (46.17 फीसदी) ही डिलीवरी के लिए थे। एनएसई में भी इसके 17,604 शेयरोंऔरऔर भी

डरपोक और कायर होना जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है। ये फितरत हमसे बहुत सारी खुशियां छीन लेती है। बाप-दादा से मिली दौलत तक सीमित रह जाते हैं हम। शास्त्रों तक में कहा गया है वीर भोग्या वसुंधरा।और भीऔर भी

औसत भारतीय अब भी कर्ज लेने से परहेज करता है। हम अपनी कुल सालाना खरीद का बमुश्किल एक फीसदी हिस्सा क्रेडिट कार्ड से पूरा करते हैं, जबकि दुनिया का औसत 12 फीसदी का है। दूसरी तरफ बैंकों की पहुंच ग्रामीण आबादी तक नहीं बन पाई है। गावों में उधार लेनेवाले 90 फीसदी से ज्यादा लोग स्थानीय सूदखोरों का सहारा लेते हैं। बैंक भी गांवों को उपेक्षित करते हैं। साल 2009 तक के आंकड़ों के अनुसार बैंकों नेऔरऔर भी

देश में कुल डीमैट खातों की संख्या करीब 1.7 करोड़ है। लेकिन फेसबुक, ऑरकुट या ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों से जुड़े लोगों की संख्या 3.1 करोड़ पर पहुंच चुकी है। इस तरह शेयर बाजार से जुड़े लोगों से करीब दोगुने लोग सोशल नेटवर्किंग साइटों से जुड़ चुके हैं। ब्रोकर फर्म एमएमसी कैपिटल्स के इक्विटी प्रमुख जगन्नाधम तुनगुंटला का कहना है कि देश में सोशल नेटवर्किंग साइटों का आधार इतना बढ़ना वाकई आश्चर्यजनक है और ऐसा महजऔरऔर भी

अभी तक केवल कंपनियों और पार्टनरशिप फर्मों के लिए ही आयकर रिटर्न इलेट्रॉनिक रूप से भरना जरूरी है। लेकिन अब इसमें उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) को भी शामिल कर दिया गया है जिसके खातों का अंकेक्षण आयकर एक्ट 1961 की धारा 44 एबी के तहत होता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इसकी अधिसूचना 9 जुलाई 2010 को जारी कर दी है और गजट में प्रकाशित होते ही यह नियम लागू हो जाएगा।औरऔर भी

कहां तो विश्लेषक मानकर चल रहे थे कि मई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 16 फीसदी बढ़ेगा और कहां असल में यह 11.5 फीसदी ही बढ़ा है। यह पिछले सात महीनों का सबसे निचला स्तर है। लेकिन इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वित्त सचिव अशोक चावला का कहना है कि किसी को भी यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लंबे समय तक असामान्य दरों पर बढ़ता रहेगा। इसके सामने क्षमता की सीमाएं हैं।औरऔर भी

देश में आर्थिक विकास के साथ आर्थिक अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा शिकार बैंकिंग क्षेत्र हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुताबिक 2004-05 में बैंक फ्रॉड के कुल 10,450 मामले दर्ज किए गए थे। चार साल बाद 2008-09 तक इनकी संख्या लगभग 129 फीसदी बढ़कर 23,917 हो गई। 2004-05 में इससे बैंकिंग क्षेत्र को 779 करोड़ की चपत लगी थी, जबकि 2008-09 तक यह नुकसान 142 फीसदी बढ़कर 1883 करोड़ रुपए परऔरऔर भी