देखिए रत्न, नवरत्न और महारत्न

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों – एनटीपीसी, स्टील अथॉरिटी (सेल), इंडियन ऑयल और ओएनजीसी को महारत्न का ओहदा दे दिया है। महारत्न का दर्जा सरकार की उन लिस्टेड कंपनियों को दिया जाता है जिनका औसत सालाना टर्नओवर पिछले तीन सालों के दौरान 25,000 करोड़, शुद्ध लाभ 5000 करोड़ और नेटवर्थ (इक्विटी + फ्री रिजर्व) 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो। बता दें कि केंद्र सरकार मार्च 2011 से पहले सावर्जनिक क्षेत्र की कई कंपनियों का आईपीओ/एफपीओ लाने वाली है, जिनसे उसका लक्ष्य लगभग 40,000 करोड़ रुपए जुटाने का है।

यह एक तरीके से जनता की ही संपत्ति पर प्रत्यक्ष रूप से जनता का स्वामित्व बनाने का तरीका है क्योंकि जनता से हासिल टैक्स से ही सरकार ने इन कंपनियों को खड़ा किया है और अब उनके शेयर सीधे जनता को बेचे जा रहे हैं। इसलिए इसमें देश के हर इलाके के निवेशकों को पैसा लगाने का मन बना लेना चाहिए। हालांकि एमटीएनएल भी सरकार के नवरत्नों में शामिल है जिसके शेयर लगातार धूल फांकते जा रहे हैं। इसलिए यहां भी आंख मूंदकर निवेश करने को समझदारी नहीं माना जा सकता है।

आनेवाले समय में आईपीओ लानेवाली सबसे खास कंपनी है कोल इंडिया। ये अब भी नवरत्न कंपनी है और आईपीओ व लिस्टिंग के बाद इसे भी महारत्न का ओहदा मिल सकता है। देश के कोयला बाजार मे कोल इंडिया की तीन चौथाई हिस्सा है। उसके पास 10.58 लाख टन कोयले का भंडार है। उसके कर्मचारियों की संख्या 4 लाख से अधिक है।

इंजीनियर्स इंडिया अब भी लिस्टेड कंपनी है। इसका एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) अगले महीने आने की संभावना है। इसी तरह स्टील अथॉरिटी का एफपीओ सितंबर आने की उम्मीद है। कंपनी 48,681 करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ देश की पांच सबसे ज्यादा लाभ कमानेवाली कंपनियों में शुमार है। हिंदुस्तान कॉपर भी लिस्टेड कंपनी है। लेकिन 99.59 फीसदी इक्विटी अभी सरकार के पास है। इसका एफपीओ अगस्त-सितंबर में आ सकता है।

पूंजी बाजार में इस साल उतरनेवाली सरकारी कंपनियों में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन भी शामिल है। इसे नवरत्न का दर्जा मिला हुआ है। देश में पैदा होनेवाली बिजली का करीब 45 फीसदी हिस्सा यही वितरित करती है। इसके शेयर लिस्टेड हैं और शेयर का भाव 102 रुपए के आसपास चल रहा है। इसका एफपीओ नवंबर में आने की उम्मीद है। इंडियन ऑयल के बारे में कुछ कहना सूरज को दीया दिखाने जैसा है। इसे तो अभी-अभी महारत्न का ओहदा मिला है। इसका पब्लिक इश्यू दिसंबर में आने की उम्मीद है। बता दें कि पब्लिक इश्यू में कंपनी आईपीओ या एफपीओ के जरिए अपने शेयर जारी करती है।

इसके अलावा मैगनीज ओर का इश्यू दिसंबर में, राष्ट्रीय इस्पात निगम का जनवरी 2011 में, एमएमटीसी का फरवरी में और शिपिंग कॉरपोरेशन का इश्यू मार्च 2011 में आने की उम्मीद है। सरकार की ये सारी की सारी कंपनियां निवेश के काबिल हैं। आम निवेशकों को इनमें पैसा लगाने की तैयारी अभी से कर लेनी चाहिए। इनके शेयर पाने का मतलब होगा कि 10-15 साल बाद आपने अपने रिटायरमेंट के लिए अच्छी रकम का इंतजाम कर लिया है, वह भी बिना किसी म्यूचुअल फंड या बीमा कंपनी के चक्कर में पड़े बगैर।

2 Comments

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