नहीं फलता उधार का निवेश

हां, इसे आप राहत और सुकून की रैली कह सकते हैं। अब कहा जा सकता है कि हर बढ़त पर आपको बेच लेना चाहिए। यही बात तो चार्ट हर समय फेंकते रहते हैं। निवेशकों व ट्रेडरों को चक्र के अंत में बेचने की सलाह दी जाती है। खैर, जैसी कि उम्मीद थी निफ्टी 5120 अंक के ऊपर बंद हुआ। फिलहाल, कोई कहासुनी नही क्योंकि वक्त ही हमें बतलाएगा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।

आज बाजार में हमारी हर कॉल पूरी सही निकली, जबकि अधिकांश लोग हाथ खड़े चुके थे और कह रहे थे कि आगे और मुसीबत आनी है। हम अपनी समझ की दाद नहीं दे रहे, बल्कि यह तो कॉमनसेंस था, सहज बुद्धि थी, जिसे ट्रेडरों को समझना चाहिए। जब भी आपने ज्यादा उधार लेकर बाजार में पैसा लगाया है तो आपको मुश्किल होनी ही है। निचले भावों पर खरीद के बजाय आपको बेचना पड़ेगा और जिससे भाव और भी नीचे चले जाएंगे। आप भी यह बात समझते हैं। लेकिन उधार के दबाव में आपके पास कोई चारा नहीं बचता।

दुनिया के चार खास घटनाक्रम हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। एक, अमेरिका ने ताजा विधेयक में बैंक फ्रॉड के खिलाफ कोई कठोर उपाय नहीं किए हैं, हालांकि इसमें बैंक प्रशासन को कड़ा करने की बात जरूर कही गई है। दो, ग्रीस को ऋण देने पर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की बैठक रविवार को है और ज्यादा संभावना है कि मसले की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए ऋण को मंजूरी मिल जाएगी। तीन, ब्रिटेन में आम चुनाव कल हैं और लगता नहीं कि वहां त्रिशंकु संसद जैसी स्थिति आएगी। बहुत से लोग मानते हैं कि इससे यूरोप के संकट को सुलझाने में मदद मिलेगी। चार, दुनिया भर के बाजारों मे छाई कमजोरी के बीच चीन अपने एग्री बैंक का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने जा रहा है।

मेरा मानना है कि इनमें से कोई भी घटनाक्रम भारत पर असर नहीं डालेगा और अभी चल रहा करेक्शन ठसोठस भर गई ट्रेन को थोड़ा खाली करने का ही काम करेगा। भारतीय म्यूचुअल फंडों के पास जरूरत से ज्यादा तरलता है जिसे उन्हें पूंजी बाजार में लगाना है। साथ ही, जहां तक एफआईआई की बात है तो भारत के बारे में उनके नजरिए में कोई तब्दीली नहीं आई है।

थोड़े में कहूं तो यह करेक्शन महज मनोवैज्ञानिक था। हमारी कॉल आज केवल एक तथ्य पर आधारित थी कि अमेरिकी बाजार में दो दिनों में मात्र करीब 70 अंकों की गिरावट आई है, जबकि आज सुबह को मिला दें तो भारत मे पिछले तीन सत्रों में 900 अंकों से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। यकीनन यह कुछ ज्यादा ही तीखी प्रतिक्रिया थी। फिर भी, 17000 का अंक मनोवैज्ञानिक बाधा का अच्छा स्तर था। यह शुरुआती कारोबार में टूट गया तो फिर बाजार को ऊपर उठना ही था।

हां, बाजार में उतार-चढ़ाव और चंचलता अब भी रहेगी। पर, इसका इस्तेमाल आप समझदारी से करें। अगर कुछ कारक गड़बड़ हो गए तो निफ्टी 4950 तक भी जा सकता है। लेकिन इसके 5120 के ऊपर रहने पर एफआईआई की ताजा खरीद होनी तय है। मैं छोटी अवधि के निवेश के लिए चार्ट पर नहीं देखता। लेकिन निवेश की सलाह देने से पहले जरूर देखता हूं कि एफआईआई क्या कर रहे हैं।

सूचनाओं पर सूचनाएं इस कदर आती रहती हैं कि इंसान की सहज बुद्धि खो जाती है और सहज बुद्धि के जाते ही वह सही फैसले नहीं ले पाता।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है लेकिन फालतू के वैधानिक लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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