हमारी सोच यही है कि जो मिल जाता है, उसे हम मिट्टी समझते हैं जो खो जाता है, उसे सोना। शेयर बढ़ जाए तो उससे उतनी मोहब्बत नहीं होती और हम उसे आसानी से बेचकर निकल लेते हैं। लेकिन गिर जाए तो इतना सदमा लगता है कि जान ही निकल जाती है। फिर भी मोहब्बत वैसी, जैसी बंदरिया अपने मरे हुए बच्चे से करती है। सीने से चिपकाकर दिनोंदिन डोलती रहती है। यह निपट भावना है, बुद्धिमानीऔरऔर भी

शिवालिक बाईमेटल, राठी बार्स, त्रिवेणी ग्लास, क्विंटेग्रा सोल्यूशंस, सूर्यचक्र पावर, एचसीसी और रोमान टारमैट ऐसे कुछ स्टॉक्स हैं जिनकी चर्चा इस कॉलम में साल भर के दौरान बार-बार हुई है। किसी न किसी आधार पर इनमें अच्छी बढ़त का अनुमान पेश किया गया था। लेकिन बताए जाने के बाद से इनमें से कई शेयरों के भाव 40-50 फीसदी तक गिर चुके हैं। आप में से कई लोगों ने इस बाबत अपनी शंकाएं और सवाल भी पेश किएऔरऔर भी

आलोचकों की कोई हद नहीं है। वे कुछ भी बक सकते हैं। निफ्टी 6100 के ऊपर चला गया। फिर भी बहुत से ‘पंडित’ मानते हैं कि हमारी खबरें, विश्लेषण और सूचनाएं यूं ही बस लम्तड़ानी हैं। लेकिन करें क्या। दुनिया तो इन आलोचकों की मुठ्ठी में नहीं है। वे भले ही इनकी कीमत न समझें, लेकिन लोगों के बीच इन्हें पसंद किया जाता है। हम तो अपने तमाम मतिअंध आलोचकों से निवेदन करते हैं कि वे ब्राउजिंगऔरऔर भी

आईबीएम का एक विज्ञापन आपने देखा होगा जिसमें सच तक पहुंचने के लिए डाटा या आंकड़ों की अहमियत समझाई गई है। बाजार के संबंध में सीएनआई रिसर्च भी तमाम ऐसे डाटा उपबल्ध करा रही है। वह डेरिवेटिव सौदों के जिन आंकड़ों के आधार पर निफ्टी में लक्ष्य का निर्धारण करती है, उन्हें उसने अपनी वेबसाइट पर मुफ्त में उपलब्ध करा रखा है। कोई सीएनआई का सदस्य हो या न हो, इन्हें देख-परख सकता है। सीएनआई की वेबसाइटऔरऔर भी

अगर आपने घर की वायरिंग के लिए बिजली के केबल खरीदें होंगे तो कंगारू के नीचे वी-गार्ड लिखे हुए ब्रांड को शायद जरूर पहचानते होंगे। वी-गार्ड इंडस्ट्रीज दक्षिण भारत की कंपनी है। उसकी पुरानी फैक्टरी केरल में है। लेकिन उसने साल भर पहले ही उत्तराखंड में नई फैक्टरी लगाई है। वह वोल्टेज स्टैबलाइजर से लेकर मोटर पंप, इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर/गीज़र, सोलर वॉटर हीटर, पीवीसी वायरिंग केबल, एलटी व कंट्रोल केबल, यूपीएस और सीलिंग फैन जैसे कई विद्युतऔरऔर भी