भिंडी बाज़ार तक में दाम बढ़ने-घटने की वजह होती है। यह तो शेयर बाज़ार है। यहां शेयर के भाव यूं ही नहीं घटते-बढ़ते। उनमें कंपनी का कामकाज़ झलकता है। जैसे, स्टर्लिंग बायोटेक साल 2008 तक अच्छा कमा रही थी तो शेयर 262.45 रुपए के शिखर पर था। ऋण के बोझ तले घाटे के दलदल में धंसती गई तो शेयर 3.43 की तलहटी छूने के बाद फिलहाल 7.80 रुपए पर है। सोचिए-समझिए। आज तथास्तु में एक लार्जकैप कंपनी…औरऔर भी

स्टर्लिंग बायोटेक दवा उद्योग से जुड़ी कंपनी है। मुख्य रूप से जेलैटिन बनाती है। कंपनी का दावा है कि दुनिया के जेलैटिन बाजार में उसकी 7.5 फीसदी और भारतीय बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी है। वह मानव कोशिकाओं में बहुतायत से पाया जानेवाला पोषक यौगिक, यूबिक्विनोन या को-एनजाइम क्यू-10 भी बनाती है। वह फरमेंटेशन के जरिए यह उत्पाद बनानेवाली दुनिया की चुनिंदा कंपनियों में शुमार है। गुजरात की कंपनी है। वडोदरा जिले के मासर गांव में उसकाऔरऔर भी

21 की मौत, 150 से ज्यादा घायल। आज इनसे जुड़े हजार-दो हजार लोगों की ज़िंदगी यकीनन ठहर गई होगी। लेकिन मुंबई के बाकी करीब 205 लाख लोंगों की ज़िंदगी की जंग चलती रहेगी। आतंकवाद की यही सीमा है। यह हमारे जीवन में इतना खलल भी इसीलिए डाल पाता है क्योंकि इसके पीछे खास किस्म की राजनीति काम करती है। इसे सिर्फ खुफिया व सुरक्षा तंत्र की कमजोरी मानना गलत होगा। खैर, इस तरह के पत्थर फेंकने सेऔरऔर भी