गतिशीलता पर यकीन
पाप कभी स्थाई नहीं होता। उसे अपरिहार्य या नियति मानना गलत है। सामूहिक हालात और व्यक्तिगत विवेक को हमेशा बेहतर, शुद्ध व तेजस्वी बनाया जा सकता है। इसलिए क्षण के स्थायित्व पर नहीं, उसकी गतिशीलता पर यकीन करें।और भीऔर भी
पीछे छूटा बच्चा
जब मूल वस्तु ही स्थिर नहीं तो उसकी छाया कैसे स्थिर हो सकती है? दुनिया में सब कुछ हर पल बदल रहा है तो हमारे विचार कैसे स्थिर रह सकते हैं? पीछे छूट गए बच्चे की तरह उन्हें साथ ले आना जरूरी है।और भीऔर भी
मूडीज ने भारतीय बैंकों को नजर से गिराया
जिसका डर था, वही हुआ। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने बुधवार को भारतीय बैंकिंग प्रणाली पर अपना नजरिया स्थिर से नकारात्मक कर दिया। ऐसा तब है, जब ज्यादातर भारतीय बैंक अभी लागू बासेल-2 मानकों को ही नहीं, दो साल बाद 2013 से लागू होनेवाले बासेल-3 मानकों को भी पूरा करते हैं। मूडीज ने जारी बयान में कहा है कि आर्थिक विकास दर के घटने और सरकारी उधारी के बढ़ने से बैंकों के पास निजी क्षेत्रऔरऔर भी


