कंपनियों के नतीजों का मौसम खत्म होने को है। अब तक तस्वीर यह बनी है कि जहां इनफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी तमाम बड़े स्तर की कंपनियां बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही हैं, वहीं पोलारिस, एचसीएल टेक्नो व हिंदुस्तान जिंक जैसे मध्यम स्तर की कंपनियों ने उम्मीद के बेहतर नतीजे हासिल किए हैं। कुल मिलाकर कॉरपोरेट क्षेत्र का लाभार्जन बीते वित्त वर्ष 2010-11 में पहले से 20 फीसदी ज्यादा रहेगा। लेकिन चालू वित्तऔरऔर भी

शेयर तो गिरते-उठते रहते हैं। गिरते हुए बाजार में भी तमाम शेयर बढ़ जाते हैं और बढ़ते हुए बाजार में भी कई शेयर गिर जाते हैं। जैसे, कल एनएसई निफ्टी में 38.40 अंकों की गिरावट आई, लेकिन 447 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इसी तरह बीएसई सेंसेक्स में 97.76 अंकों की गिरावट के बावजूद 1184 शेयर बढ़ गए। इसलिए सूचकांकों के उठने-गिरने के चक्कर में पड़ने के बजाय यह समझना ज्यादा काम का होता है किऔरऔर भी

इस पल की बात करें तो पावर ग्रिड, सेंचुरी, आईएफसीआई, आईडीबीआई और एचडीआईएल मेरे सबसे पसंदीदा स्टॉक हैं। खासकर पावर ग्रिड जो बहुत जल्द ही 135 रुपए का स्तर छूने वाला है। आईएफसीआई के बारे में मैंने कहा ही था कि सरकार आगे बढ़कर कह सकती है कि वह इसके बांडों को इक्विटी में नहीं बदलने जा रही। ऐसा ही हुआ। नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) के सूत्रों ने इस मसले से जुड़े हमारे विश्लेषकों को बताया हैऔरऔर भी