भाई! अब तो छोड़ दो तेल का फच्चर
2011-03-10
बाजार में कदमताल जारी है। उठता है। गिरता है। बढ़ता है। पीछे आता है। फिर बढ़ जाता है। लेकिन एक बात साफ है कि बाजार से जबरदस्ती खेलने का दौर अब खत्म होता दिख रहा है क्योंकि जहां निफ्टी को सायास दबाकर रखा जा रहा है, वहीं इसमें शामिल स्टॉक्स की खरीद शुरू हो गई है। यह इशारा इस बात का है कि बाजार अब अपनी तलहटी पकड़ चुका है। हालांकि ट्रेडरों में इस समय ताजातरीन सोचऔरऔर भी
निजी सीमाएं
2011-02-25
जिसे हम देख-समझ नहीं पाते, उसे अज्ञात कह देते हैं। लेकिन समूची सृष्टि में कुछ भी अकारण नहीं है। हां, यह जरूर है कि हाथी अपनी पीठ नहीं देख सकता। उसी तरह हमारी भी निजी सीमाएं हैं।और भीऔर भी






