ज्ञान की पूर्वशर्त
2011-08-20
उचाट रहने से सच तक नहीं पहुंचा जा सकता है, पंडित नहीं बना जा सकता है। इसके लिए जुड़ना जरूरी है, प्रतिबद्धता जरूरी है, प्रेम जरूरी है, डूबना जरूरी है। निर्लिप्त रहकर ज्ञानवान नहीं बना जा सकता।और भीऔर भी
बदलाव से पहले
2010-12-28
सब धान बाइस पसेरी तौलनेवाले पंसारी की दुकान चला सकते हैं, नया नहीं ला सकते। समाज, संस्था या कहीं भी बदलाव लाना हो तो पहले उसके आज को बड़ी बारीकी से गहना-समझना पड़ता है।और भीऔर भी

