किसी से कुछ भी पाने की उम्मीद छोड़ दो। रिश्तों से लेकर ओहदे तक का सारा आवरण हटा दो। फिर देखो कि वह इंसान कैसा दिखता है। वही उसकी असली सूरत है। बाकी सब भ्रम है, छल है, दिखावा है।और भीऔर भी