बाजार कमजोरी के साथ खुला और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े आने तक कमजोर ही बना रहा। बाजार में आम धारणा थी कि इसकी विकास दर 6.9 फीसदी रहेगी और सचमुच यह 6.9 फीसदी ही रही। लेकिन बाजार का चाल-चलन इस कदर बदल चुका है कि ट्रेडरों को बहुत सारी सूचनाएं ‘गजब की तेजी’ से मिल जाती हैं और वे उसके हिसाब से बहकने लगते हैं। पहले जीडीपी के 6.2 फीसदी बढ़ने की अफवाह खबर केऔरऔर भी