न सीखने की कोई उम्र होती है और न ही गलतियों को दुरुस्त करने के लिए अगले जन्म की जरूरत होती है। जो कहते हैं कि अगले जन्म ये गलती नहीं करेंगे, वे बस अपनी चमड़ी बचा रहे होते हैं।और भीऔर भी

कुछ लोग गलतियां किए चले जाते हैं, सीखते कुछ नहीं। दूसरे लोग अपनी ही गलती से सीखते हैं। तीसरी तरह के लोग अपनी ही नहीं, औरों की गलतियों से भी सीखते हैं। कामयाबी इन्हें ही सबसे जल्दी मिलती है।और भीऔर भी