मारुति सुजुकी का प्रबंधन 40 स्थाई कर्मचारियों को वापस लेने पर सहमत हो गया है। साथ ही 1200 अस्थाई कर्मचारियों को बहाल करने की बात भी स्वीकार कर ली है। इसके बाद शुक्रवार की सुबह कंपनी के मानेसर संयंत्र में पिछले 14 दिनों से जारी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई। सुजुकी पावरट्रेन और सुजुकी मोटरसाइकिल में भी हड़ताल खत्म हो गई है। समझौते के मुताबिक, कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान काम नहीं करने पर वेतन काऔरऔर भी

मारुति सुज़ुकी के मानेसर संयंत्र में कर्मचारियों और प्रबंधन में तनातनी जारी है। प्रबंधन का आरोप है कि कर्मचारियों ने पूरे संयंत्र पर कब्जा कर लिया है। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन पहले मान चुकी बातों से पीछे हट रहा है और उनकी एकता को तोड़ने में लगा है। कर्मचारियों का आरोप है कि मारुति प्रबंधन 1500 अस्थायी कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं ले रहा है और जब तक ये नहीं होगा, तब तकऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी कार-निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के मानेसर संयंत्र में शुक्रवार शाम 4 बजे से मजदूर फिर से हड़ताल पर चले गए हैं। मजदूर यूनियन ने इसकी वजह कंपनी प्रबंधन की हठधर्मिता और वादाखिलाफी को बताया है। वहीं कंपनी प्रवक्ता ने इसका ज्यादा खुलासा नहीं किया। लेकिन इस बात की पुष्टि की कि मानेसर संयंत्र में उत्पादन पूरी तरह रोक दिया गया है। बता दें कि पिछले हफ्ते शनिवार, 1 अक्टूबर को मारुति के प्रबंधनऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के मानेसर संयंत्र में हड़ताल जारी रहने से कारों का उत्पादन पूरी तरह से ठप है। हड़ताल का आज, सोमवार को दसवां दिन है। प्रबंधन और मजूदरों में आज भी बात चली। लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि उत्पादन ठप रहने से मारुति के शेयर खास फर्क नहीं पड़ा है। आज उसमें 0.35 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘बातचीतऔरऔर भी