ज़िंदगी में सुरक्षा की ही नहीं, असुरक्षा की भी ज़रूरत होती है। बूढ़े या असहाय लोग सुरक्षा की चाह रखें तो समझ में आता है। लेकिन नौजवानों के लिए यह चाह अच्छी नहीं क्योंकि असुरक्षा के बिना वे जीवन के तमाम जरूरी सबक नहीं सीख पाते।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने तय किया है कि वह शुक्रवार को सेकंडों के भीतर निफ्टी के 5353 से गिरकर 5000 तक पहुंच जाने की जांच करेगी। एनएसई भी सब कुछ ठीक होने के दावा करने के बावजूद शुरुआती जांच शुरू कर चुका है। इससे पहले दीवाली की मुहूर्त ट्रेडिंग पर बीएसई में भी यह करिश्मा हो चुका है। उससे पहले जून 2010 में रिलायंस का शेयर एक दिन 20 फीसदी का धक्का खा चुका है।औरऔर भी

जब सारा बाजार शुक्रवार को लांग सौदे करने में लगा था, तब हमने कहा कि बजट बुरा है और निफ्टी को बेचो। निफ्टी धराशाई हो गया। आज प्री-ओपन सत्र में निफ्टी 5340.70 तक पहुंच गया और शुक्रवार से 0.37 फीसदी ऊपर था। लेकिन बाद में बाजार को बजट के बुरा होने का अहसास हुआ और निफ्टी लगातार गिरने लगा। अंत में 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 5257.05 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी फ्यूचर्स का आखिरीऔरऔर भी

इंसान को अपने ही अंदाज में निखरने की ख्वाहिश रखनी चाहिए। दूसरा तो दूसरा ही है। हो सकता है ऊपर से कामयाब दिखता हो और अंदर से खोखला हो। उससे सबक सीखें, लेकिन कभी नकल न करें।और भीऔर भी

जब समय का कोई अंत नहीं, तब संभावनाओं का अंत कैसे हो सकता है? हां, पुराने से चिपके रहने का कोई तुक नहीं। सबक लेकर नए को आजमाना जरूरी है। तब तक, जब तक जीवन शेष है, समय शेष है।और भीऔर भी