सत्ता के शीर्ष पदों को लोकपाल के दायरे में लाने से डरी सरकार का गजब हाल है। जिस तिहाड़ जेल में राष्ट्रमंडल खेलों के परम भ्रष्टाचारी सुरेश कलमाड़ी को रखा गया है, उसी जेल संख्या चार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगानेवाले अण्णा हज़ारे को भी कैद कर दिया है। अण्णा को सात दिन की न्यायिक हिरासत के तहत जेल में रखा जाएगा। हालांकि अण्णा की टीम ने सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौतीऔरऔर भी

राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की मैली चादर में अब छेद भी होने लगे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियों, एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने इन खेलों की स्पांसरशिप के लिए पहले वादा किए गए 60 करोड़ रुपए में से बाकी बचे 40 करोड़ रुपए नहीं देने का फैसला किया है। दोनों कंपनियों के निदेशक बोर्ड ने अपनी-अपनी अलग बैठकों में बुधवार को यह निर्णय लिया। गौरतलब है कि 3 से 14 अक्टूबर तक होनेवालेऔरऔर भी

राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता के नए-नए खुलासों ने सरकार को देश के भीतर या बाहर कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है। इसने कांग्रेस आलाकमान को काफी परेशान कर दिया है। उसी के दबाव में खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने कैबिनेट सचिव को खेलों से जुड़े तमाम स्टेडियमों का मुआयना करने का निर्देश दिया है। साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की कार्यकारिणी की विशेष बैठक 5 अगस्त, गुरुवार को बुलाईऔरऔर भी