होटल लीला वेंचर्स (बीएसई – 500193, एनएसई – HOTELEELA) का शेयर पिछले एक महीने में 55.60 रुपए से गिरकर साल भर के न्यूनतम स्तर 40.15 रुपए तक जा चुका है। कल यह बीएसई में 45.40 रुपए पर बंद हुआ है। अधिग्रहण के कयासों के बीच इसने 10 अक्टूबर 2010 को 58.70 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर बनाया था। इसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 1.22 रुपए है और इसका शेयर इससे 37.12 गुना (पी/ई) अनुपातऔरऔर भी

एलायड डिजिटल सर्विसेज (बीएसई – 532875, एनएसई – ADSL) इस समय निवेशकों से मुखातिब है। समझाने में लगी है कि उसमें निवेश करना क्यों लाभ का सौदा है। आज ही वह इस सिलसिले में मुंबई में निवेशक दिवस बना रही है। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन की सेवाएं देने वाली यह ठीकठाक कंपनी है। भारत में 132 जगहों पर मौजूद हैं और अमेरिका में एनप्वाइंटे ग्लोबल सर्विसेज के अधिग्रहण के बाद वहां के 40 से ज्यादा राज्यों में पहुंचऔरऔर भी

बामर लॉरी एंड कंपनी (बीएसई – 523319, एनएसई – BALMLAWRIE) बड़ी विचित्र कंपनी है। यह सरकारी कंपनी है, लेकिन प्रवर्तक के रूप में न तो भारत सरकार और न ही किसी राज्य सरकार के पास इसके कोई शेयर हैं। इसके सारे के सारे शेयर, पूरी की पूरी 16.29 करोड़ रुपए की इक्विटी पब्लिक के पास है। सरकार इसमें प्रवर्तक नहीं, बल्कि पब्लिक के खाते से अप्रत्यक्ष रूप से शामिल है। असल में इसकी 61.80 फीसदी इक्विटी बामरऔरऔर भी

यह न तो कोई बड़ी बात है और न इतनी छोटी कि इसे यूं ही चलता किया जाए। खाद्य तेलों से शुरू करके बिजली के घरेलू साजोसामान तक पहुंची और देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी बन चुकी कंपनी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने तय किया है कि वे अपने नाम में दर्ज कंपनी के 21.30 करोड़ शेयर ऐसे ट्रस्ट के खाते में डाल देंगे, जहां से वे खुद भी चाहें तो वापस नहीं लेऔरऔर भी

सुबेक्स लिमिटेड का शेयर 1 अक्टूबर को 52.25 रुपए पर बंद हुआ, 1 नवंबर को 74.40 रुपए पर बंद हुआ और कल 30 नवंबर को भी इसका बंद भाव बीएसई में 74.05 रुपए रहा है। इस तरह एक महीने में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हासिल करने के बाद यह पिछले एक महीने से ठहरा हुआ है। हालांकि इस दौरान यह ऊपर में 94.90 रुपए और नीचे में 66 रुपए तक जा चुका है। इस समयऔरऔर भी

बाजार के नामी उस्तादों में से शुमार, शंकर शर्मा भी यूको बैंक को खरीदने की सलाह देते सुने गए हैं। वैसे, यूको बैंक (बीएसई कोड – 532505, एनएसई कोड – UCOBANK) में बढ़ने की थोड़ी गुंजाइश भी नजर आ रही है। इस शेयर की बुक वैल्यू 72.65 रुपए है। शुक्रवार को यह 6.79 फीसदी की गिरावट के साथ 131.15 रुपए पर बंद हुआ है। ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 18.29 रुपए है तो पी/ई अनुपात मात्रऔरऔर भी

गाढ़ी कमाई के पैसे पर कोई अय्याशी नहीं करता। आसानी से मिले पैसे ही उड़ाए जाते हैं। मान लीजिए किसी ने दस साल में मेहनत से 50 लाख रुपए जुटाए हैं तो वह इसका बहुत हुआ तो 10 फीसदी हिस्सा ही कार, विदेश यात्रा और मौजमस्ती पर खर्च करेगा। लेकिन अगर किसी ने एक झटके में इतनी रकम बनाई है तो 100 फीसदी रकम वह महंगी कार, विदेश यात्रा, बिजनेस क्लास में सफर और फाइव स्टार होटलोंऔरऔर भी

हम बराबर कहते रहे हैं कि ऐसे स्टॉक को मत हाथ लगाइए जो काफी महंगे हैं यानी जिनका पीई अनुपात बहुत ज्यादा है। खासतौर पर हमने आपको बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के बारे में आगाह किया था। बैंकिंग में आप वास्तविक स्थिति से रू-ब-रू हो चुके हैं। ऑटो में अभी थोड़ा वक्त है और बजट तक इंतजार किया जा सकता है। हमने आपको ऐसी नई रीयल्टी कंपनियों के बारे में भी चेताया था जिन्होंने जमीन का जखीराऔरऔर भी

बाजार पर आज कम से कम दोपहर तक हाउसिंग लोन घोटाले का असर छाया रहेगा। लेकिन लंबे निवेश की चाह में लगे लोगों के लिए यह घोटाला कोई ऐसा मसला नहीं है जिससे डरकर भाग लिया जाए। गिरावट के ऐसे मौके तो अच्छे शेयरों को सस्ते में पकड़ने के लिए ही होते हैं। ऐसा ही सस्ता शेयर है टेक्नोफैब इंजीनियरिंग का। उसे कल ही 30 करोड़ रुपए का नया ऑर्डर मिला है। इससे ठीक पंद्रह दिन पहलेऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की तरफ से भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में गठित समिति ने शेयर बाजार के तंत्र से जुड़ी तीन संस्थाओं – स्टॉक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी और क्लियरिंग कॉरपोरेशन के मालिकाने, स्वरूप और उनके आपसी संबंधों में व्यापक फेरबदल की सिफारिश की है। उसका कहना है कि किसी भी स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी या क्लियरिंग कॉरपोरेशन की लिस्टिंग नहीं होनी चाहिए। समिति ने सोमवार, 22 नवंबर को अपनी रिपोर्ट सेबीऔरऔर भी