मंगलवार को गिरते बाजार में भी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) के शेयर तब 4.54 फीसदी उछल गए जब पता चला कि जयराम रमेश को पर्यावरण मंत्रालय से हटा दिया गया है। साथ ही दस रुपए अंकित मूल्य से भी नीचे जा चुके बीएजी फिल्म्स के शेयर भी 10 फीसदी उछल गए जब पता चला कि उसके कर्ता-धर्ता राजीव शुक्ला को मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया है। जयराम रमेश पर्यावरण के मसले पर किसीऔरऔर भी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) के शिक्षकों को विश्वस्तरीय नहीं बताने की पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश की टिप्पणियों को आईआईएम के प्रोफेसरों ने आज ‘एकतरफा’ करार दिया। प्रोफेसरों ने कहा है कि ये टिप्पणियां अतिशय अज्ञानता का नतीजा हैं। रमेश ने कल कहा था कि आईआईटी और आईआईएम के शिक्षक विश्वस्तरीय नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि ये संस्थान विद्यार्थियों की गुणवत्ता के कारण ‘उत्कृष्ट’ हैं। आईआईएम, अहमदाबाद के प्रोफेसर अनिल गुप्ता नेऔरऔर भी

अभी चार दिन पहले तक उड़ीसा में पॉस्को की स्टील परियोजना की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डालनेवाले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आखिकार इस परियोजना को अंतिम मंजूरी दे दी है। लेकिन कहा कि दक्षिण कोरिया की यह कंपनी प्रस्तावित परियोजना से कच्चे माल का निर्यात नहीं कर सकती। राजधानी दिल्ली में सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा, “राज्य सरकार की तरफ से 29 अप्रैल को ताजा संदेश के मद्देनजर राज्य सरकार को अंतिम अनुमोदनऔरऔर भी

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आज इस बात से इन्कार किया कि पोस्को स्टील परियोजना को लेकर उड़ीसा सरकार के साथ केंद्र कोई भेदभाव कर रहा है। उन्होंने उल्टे यह दावा किया कि यह मसला अब राज्य सरकार के पाले में है और परियोजना पर प्रगति के लिए कदम उसी को ही उठाने हैं। उड़ीसा के दो दिन के दौरे पर जयराम रमेश ने भुवनेश्वर में समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट से कहा, ‘‘हमने पोस्को परियोजना केऔरऔर भी

समुद्री किनारे के इलाकों में खतरे की रेखा या हैजार्ड लाइन को स्पष्ट करने के लिए सरकार एक निजी फर्म के साथ मिलकर गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तक सात किलोमीटर चौड़ी तटीय पट्टी का डिजिटल नक्शा तैयार करने का फैसला किया है। इस तटीय पट्टी का पूरा क्षेत्रफल करीब 11,000 किलोमीटर होगा। बता दें कि हैजार्ड लाइन समुद्र के किनारे की वह पट्टी है जो समुद्र में जलस्तर बढ़ने, ऊंची लहरों के आने या जलवायु परिवर्तनऔरऔर भी

अपने उद्योग विरोधी रुख के चलते आलोचनाओं के घेरे में रहने वाले पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने देश के तीन राज्यों में बाजार आधारित उत्सर्जन प्रणाली की प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार उद्योग जगत के लिए बिना नियामकों के स्व-नियमन की व्यवस्था चाहती है। इस परियोजना में कार्बन क्रेडिट की ट्रेडिंग की व्यवस्था की गई है। रमेश ने राजधानी दिल्ली में गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाड़ु के लिए इस प्रायोगिक परियोजना की औपचारिक शुरुआतऔरऔर भी

भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए महाराष्ट्र के जैतापुर में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है और गुजरात में ऐसे ही एक अन्य संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायण सामी ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए महाराष्ट्र केऔरऔर भी

पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि सरकार वनवासियों के अधिकारों का संरक्षण करने के प्रावधान वाले वनाधिकार कानून की ही तर्ज पर मछुआरों के लिए भी एक अलग कानून बनाएगी। उन्होंने राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को तटीय नियमन क्षेत्र अधिसूचना 2011 जारी होने के मौके पर कहा, ‘‘इस अधिसूचना को तैयार करने वाली डॉ. एम एस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने एक महत्वपूर्ण सिफारिश की है कि सरकार को मछुआरों व तटीय क्षेत्रोंऔरऔर भी