भारतीय बैंकों में इस समय स्टाफ की भारी कमी है। हालत यह है कि ज्यादातर ब्रांचों में मैनेजर आठ बजे रात से पहले घर नहीं जा सकते। यह कहना है देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन प्रतीप चौधरी का। चौधरी मंगलवार को मुंबई में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और उद्योग संगठन फिक्की द्वारा आयोजित सालाना सम्मेलन फायबैक-2012 में बोल रहे थे। इसी सम्मेलन में बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (बीसीजी) की तरफ से भारतीयऔरऔर भी

संघर्ष तो एक ही है घर से लेकर दफ्तर और व्यापक समाज तक। वो यह कि जो मेहनत करते हैं, उन्हें उनका वाजिब श्रेय कैसे दिलाया जाए। घर में महिला को, फैक्टरी में कामगार को, दफ्तर में कर्मचारी को और राजनीतिक पार्टी में कार्यकर्ता को।और भीऔर भी

चेन्नई की कंपनी जेमिनी कम्युनिकेशंस ने 13 मई को अपने सालाना नतीजे घोषित किए। कंपनी ने बढ़-चढ़कर बताया कि वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी कुल आय 51 फीसदी बढ़ी और शुद्ध लाभ बढ़ा 98 फीसदी। प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) हो गया अब 6.04 रुपए। मार्च 2011 की तिमाही में कुल आय में 116 फीसदी और शुद्ध लाभ में 227 फीसदी इजाफा। नतीजों के हो-हल्ले के बीच 13 मई को यह शेयर एकबारगी 19.90 रुपए से 18.34 फीसदीऔरऔर भी

प्रबंधन स्तर पर काम कर लोगों को कम छुट्टियां मिलने के मामले में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है। यहां इस स्तर के कर्मियों को साल भर में औसतन 22 दिन की ही छुट्टी मिल पाती है। एक्सपीडिया के सर्वे के मुताबिक जापान इस सूची में सबसे ऊपर है जहां लोगों को 9 दिन ही छुट्टी मिल पाती है। इसके बाद अमेरिका (14 दिन) व ऑस्ट्रेलिया (16.5 दिन) का नंबर है। यूरोप में प्रबंधकों की मौजऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी निवेशकों के बीच धड़ल्ले से बंट रही निवेश की सलाहों को लेकर परेशान हो गई है। उसने निवेशकों को आगाह किया है कि अगर कोई व्यक्ति एसएमएस, इलेक्ट्रॉनिक या प्रिट मीडिया पर विज्ञापन के जरिए निवेश की सलाह देता है, भले ही वह किसी अनुबंध या इसके बिना यूं ही दे रहा हो, तो वो बाजार भावों को प्रभावित करने और निवेशकों को झांसा देने की कोशिश हो सकती है। इसलिए निवेशकोंऔरऔर भी

सरकारी बैंकों में कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामले में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगी गई सूचना का विभिन्न बैंकों ने अलग अलग नजरिया अपनाते हुए जबाव दिया। कुछ बैंकों ने तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मांगी गई सूचना बैंकों में तैयार नहीं की जाती है। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट की एक खबर के अनुसार, कुछ बैंकों ने कहा है कि धोखाधडी से जुड़े आईपीसी की धारा 420 के तहत आनेवालेऔरऔर भी