ज़िंदगी कभी एकसार नहीं हो सकती। उसमें उतार-चढ़ाव आते ही हैं। इसी तरह शेयर बाजार और अलग-अलग शेयरों के साथ उतार-चढ़ाव बड़ा स्वाभाविक है। यहां से कमाने के लिए बड़ा धैर्य रखना पड़ता है। खासकर तब, मामला लांग टर्म या लंबे समय का है। हमने इसी कॉलम में ग्रेफाइट इंडिया के बारे में सबसे पहले 4 मई 2010 को लिखा था। तब इसका दो रुपए अंकित मूल्य का शेयर 104 रुपए के आसपास चल रहा था औरऔरऔर भी

मित्रों! 1 अप्रैल 2010 से लेकर अब तक हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन एक-एक कर इसी जगह करीब ढाई सौ कंपनियों से आपका परिचय करा चुका हूं। बीएसई में कुल लिस्टेड कंपनियां सात हजार के आसपास हैं। अगर यह सिलसिला यूं ही हर दिन चलाता रहूं तब भी सभी लिस्टेड कंपनियों से आपका परिचय कराने में उन्नीस साल और लग जाएंगे। यह बात कहकर मैं दो चीजें जाहिर करना चाहता हूं। एक यह किऔरऔर भी