हमारे अंदर-बाहर हर वक्त जड़ता व गतिशीलता के बीच संघर्ष चलता रहता है। लड़कर खड़े नहीं हुए तो जड़ता खींचकर बैठा देती है। भ्रम और पूर्वाग्रह जड़ता के सहचर हैं, जबकि ज्ञान-विज्ञान गतिशीलता के।और भीऔर भी