बाजार में भारी-भरकम शॉर्ट सौदों की भरमार है। लेकिन बाजार का मूल रुझान अब भी नहीं बदला और वह अब भी तेजड़ियों के हाथ में है। कल की तीखी गिरावट यकीनन अचानक सन्न रह जाने की प्रतिक्रिया थी। ठीक एक्सपायरी के पहले ऐसे झटके की उम्मीद कहीं से भी नहीं थी। वैसे, बाजार को जैसे करेक्शन की दरकार थी, यह उस कड़ी का आखिरी करेक्शन था। अब सितंबर में ब्याज दर में किसी वृद्धि की उम्मीद नहींऔरऔर भी