डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की मार के अलावा ऐसा कुछ भी नहीं है जो पिछले दो दिनों में बदला हो। लेकिन बाजार हिचकोले खा रहा है। निफ्टी कल 1.58 फीसदी गिरा तो आज 2.02 फीसदी बढ़ गया। डिश टीवी के नतीजों में ऐसी कुछ भी खराबी नहीं थी। लेकिन चूंकि इसमें बाजार के तमाम ट्रेडर 83 रुपए पर लांग हो गए थे, इसलिए बाजार को खिलानेवालों ने इसे 73.70 रुपए तक तोड़ डाला। इसी तरह क्रॉम्प्टनऔरऔर भी

एक फिर हमारी नजर तमाम बहुराष्ट्रीय ब्रोकिंग फर्मों से तेज व पारखी साबित हुई है। हमने बाजार से आगे निकलकर सबसे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) में खरीद की कॉल पेश की और बेचकर बाजार से पहले ही मुनाफा भी कमा लिया। हमें साफ-साफ लग गया कि आरआईएल के नतीजे उम्मीद से कमतर थे। इसलिए इसमें मुनाफावसूली होनी ही थी। हालांकि बहुत से लोग ने इसे मानने को राजी नहीं थे। रिलायंस का स्टॉक आज करीब 4 फीसदीऔरऔर भी

किस-किसकी बात करूं! हर कोई तो यही करता है। खरीदो, बेचो, होल्ड करो, निकल जाओ स्टॉप लॉस लगाकर, जैसे चाय पी लो मलाई मारकर। जो पारंगत है उनके लिए इस तरह की टिप्स सही हो सकती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे-आप जैसे सामान्य नौसिखिया निवेशकों के लिए शेयरों में निवेश बेटी की शादी की तरह है। दस जगह से लोग बताते हैं कि ये रिश्ता अच्छा है, वो रिश्ता अच्छा है। लेकिन हम खुद खोज-परखऔरऔर भी