इस समय बैंकों के करीब 2.98 लाख करोड़ रुपए रिजर्व बैंक के पास सीआरआर (नकद आरक्षित अनुपात) के रूप में पड़े हैं, जिस पर उन्हें कोई ब्याज नहीं मिलता। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बैंकों की कुल जमा इस समय 62,82,350 करोड़ रुपए है। इसका 4.75 फीसदी उन्हें हर समय बतौर सीआरआर रिजर्व बैंक के पास रखना पड़ता है। इसलिए अगर देश के सबसे बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने सीआरआर को खत्म करनेऔरऔर भी

मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पिछले डेढ़ साल में दस बार नीतिगत दरों में वृद्धि करने के बाद रिजर्व बैंक ने कहा है कि महंगाई थामने के लिये उसके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। शुक्रवार को दिल्ली में उद्योग संगठन एसोचैम के एक कार्यक्रम में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के सी चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘आप सभी चाहते हैं कि मुद्रास्फीति नीचे आनी चाहिए। न तो वित्त मंत्रालय और न ही रिजर्व बैंक केऔरऔर भी