पहले घर एक-मंजिला हुआ करते थे। अब बहु-मंजिला होते हैं। पहले धन-दौलत सोने-चांदी के सिक्कों या बर्तनों के रूप में जमीन या दीवार में गाड़कर बचाई जाती है। अब लोग अपनी बचत बैंक एफडी, म्यूचुअल फंड या शेयरों जैसे अनाकार माध्यमों में लगाते हैं। पहले मुद्रास्फीति नहीं थी तो बचत जितना रखो, उतनी ही रहती थी। अब खोखली होती जाती है। इसलिए आप कमाकर बचाते हैं, यह पर्याप्त नहीं। आपकी बचत को भी कमा पड़ेगा। कम याऔरऔर भी