लाभ कमाने की मंशा किसी भी समाज में इंसान को आत्मकेंद्रित, अनैतिक, यहां तक कि अपराधी तक बना सकती है। काश, हम दूसरे की भलाई के लिए ही काम करते और उसी में हमारा भी भला हो जाता।और भीऔर भी