सुप्रीम कोर्ट ने काफी हद तक सहारा समूह का पक्ष स्वीकार कर लिया है, जबकि उसके खिलाफ लड़ रहे पूंजी बाजार नियामक, सेबी और निवेशकों के समूह की शिकायत है कि अदालत ने उनका पक्ष सुना ही नहीं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश अलतमस कबीर और जस्टिस एस एस निज्जर व जे चेलामेश्वर की बेंच ने फैसला सुनाया कि सहारा समूह की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन,औरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से सवाल किया है कि वह 1996 में भोपाल गैस कांड के आरोपियों के खिलाफ आरोपों को हल्का करने के 14 साल बाद अब क्यों अदालत के पास पहुंची है। बुधवार को सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने विलंब पर सवाल किया और सीबीआई से पूछा कि उसने इतने साल में कोई पुनरीक्षा याचिका दायर क्यों नहीं की। सीबीआई कीऔरऔर भी