समाज का मुलम्मा भले ही लगा हो, लेकिन हमारी सारी भावनाओं का स्रोत मूलतः प्रकृति ही होती है। शरीर के रसायन और खुद को संभालने व गुणित करते जाने का प्राकृतिक नियम हमें नचाता रहता है। हमारा अहं भी प्रकृति की ही देन है।और भीऔर भी

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में छा रही सुस्ती और कुछ यूरोपीय देशों में ऋण संकट के बावजूद देश के निर्यात में अगस्त महीने के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बार अगस्त महीने में निर्यात सालाना आधार पर 44.2 फीसदी बढ़कर 24.3 अरब डॉलर रहा है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने शुक्रवार को इन आंकड़ों को जारी होने के बाद संवाददाताओं को बताया कि लौह अयस्क को छोड़कर इंजीनियरिंग, रसायन व कपड़ा समेत अन्य सभी क्षेत्रों केऔरऔर भी

हम इस सेटलमेंट में निफ्टी के उच्च स्तर को अब पार कर चुके हैं। इससे 5500 पर फंसे सभी निवेशकों को निकलने की राह मिल गई है। हालांकि बहुत दूर की कौड़ी यह भी है कि इस स्तर भी लांग रहा जा सकता था। दूसरी तरफ निफ्टी नीचे में 5185 तक चला गया। यह फिसलन इतनी तेज थी कि ट्रेडर लगातार बेचते हुए अपनी औसत लागत घटाते रहे ताकि वह 5300 पर आ जाए। फिर भी बाजारऔरऔर भी

मन में आए भाव-विचार के माफिक शरीर रसायन बनाता है और शरीर में पहुंचे रसायन मन को घुमा डालते हैं। फिर, रसायन तो रक्त के साथ पोर-पोर तक जाता है तो मन भी हर पोर तक पहुंच जाता होगा!और भीऔर भी

बीएएसएफ इंडिया रसायन बनानेवाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है। इसकी इक्विटी में मूल यूरोपीय समूह बीएएसएफ से जुड़ी पांच कंपनियों की कुल 71.69 फीसदी हिस्सेदारी है। एलआईसी, जीआईसी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस ने इसके कुल 5.30 फीसदी शेयर खरीद रखे हैं। एफआईआई के पास कंपनी के महज 0.12 फीसदी शेयर हैं। सोमवार को बीएसई में इसके मात्र 14,038 शेयरों में कारोबार हुआ जिसमें से 6481 शेयर (46.17 फीसदी) ही डिलीवरी के लिए थे। एनएसई में भी इसके 17,604 शेयरोंऔरऔर भी