बाजार में निराशावादी अब भी मंदड़ियों की पताका लहरा रहे हैं। हर बढ़त का इस्तेमाल नए शॉर्ट सौदों के लिए किया जा रहा है। मुझे पक्का नहीं है कि एफआईआई आगे क्या करने जा रहे हैं क्योंकि वे विशुद्ध ट्रेडर बन चुके हैं और ऑप्शन प्रणाली के जरिए ट्रेडिंग के लिए अल्गोरिथम का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि उन्हें आखिरकार इसमें नुकसान ही उठाना पड़ेगा क्योंकि भारतीय बाजार में वो गहराई व विस्तार नहीं है जहां अल्गोरिथमऔरऔर भी

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चन्द्रा और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के प्रबंध निदेशक गौतम दोशी समेत विभिन्न कंपनियों के पांच बड़े अधिकारियों की जमानत की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। इनमें डीबी रीयल्टी के प्रवर्तक विनोद गोयनका और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के अधिकारी हरि नायर और सुरेन्द्र पिपारा की अर्जी भी शामिल हैं। ये सभी आरोपी 20 अप्रैल से जेल में हैं। न्यायमूर्ति अजितऔरऔर भी

सीबीआई ने दावा किया है कि कलैगनर टीवी में 200 करोड़ रुपए के अवैध हस्तांतरण को ढकने के लिए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद करार किया गया और पूर्व संचार मंत्री ए राजा के इस्तीफे के बाद धन को इसके मूल स्रोत को लौटा दिया गया। सीबीआई ने डीबी रीयल्टी के एक एकाउंटेंट और सिनेयुग फिल्म्स प्रा. लि. के निदेशक के बयानों के आधार पर यह दावा किया है। इसके मुताबिकऔरऔर भी

बाजार एक बार फिर डेरिवेटिव सौदों में ली गई पोजिशंस के हिसाब से चला। निफ्टी 0.83 फीसदी गिरकर 5785.45 पर पहुंच गया। ऐसा इसलिए क्योंकि डेरिवेटिव सौदों के गढ़ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में अभी तक फिजिकल सेटलमेंट नहीं है। हमें बाजार की इस गति का पहले से अंदाजा था। इसीलिए हमने केवल बचाव वाली कॉल्स ही दी थी। फिर भी तेजी का रुझान कायम है। कल नए सेटलमेंट की शुरुआत के साथ नई पोजिशन ली जाएंगी।औरऔर भी

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कलैगनर टीवी के संचालन के पीछे डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की बेटी व राज्यसभा सांसद कनिमोई का दिमाग काम कर रहा था और वे 2जी मामले के आरोपी ए राजा को संचार मंत्री के पद पर दोबारा नियुक्त कराने के लिए बिचौलियों और अपनी पार्टी के साथ सक्रियता से लगी रही। उधर डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने अपनी बेटी का नाम घोटाले की दूसरी चार्जशीट में शामिल करने पर नाराजगी जताई है।औरऔर भी

बड़ी खुशी की बात है कि राष्ट्रमंडल खेलों के शीर्ष घोटालेबाज कांग्रेसी नेता सुरेश कलमाडी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने सोमवार को सुबह कलमाडी को अपने मुख्यालय पर बुलाया और शाम होते-होते गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सीबीआई के दो सदस्यों के लंदन दौरे के बाद हुई है जहां उन्होंने क्वीन बैटन रिले में हुई घपले से जुड़ी सामग्री जुटाई। यह भी खुशी की बात है कि डीएमके के दबाव के बावजूद यूपीएऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में आरोपी दूरसंचार कंपनियों के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। इनमें स्वान टेलिकॉम के निदेशक विनोद गोयनका, यूनिटेक वायरलेस के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के गौतम दोशी, सुरेंद्र पिपारा व हरी नायर शामिल हैं। अदालत ने 15 अप्रैल को इनकी अग्रिम जमानत की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया थै। बुधवार को मामले पर गौर रही विशेष अदालत ने पांचों आरोपियों कीऔरऔर भी

अगर कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया को सही माना जाए तो जमीन जायदाद का कारोबार करनेवाली यूनिटेक ने अपनी दूरसंचार कंपनी को रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने का प्रस्ताव किया था। राडिया ने यह बात 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूछताछ के दौरान सीबीआई को बताई। राडिया ने कहा कि इस आशय की पेशकश यूनिटेक समूह के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा ने की थी। इस मामले में संजय चंद्रा भी एक आरोपी है। राडिया के अनुसार कंपनी के सामने आर्थिकऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से सवाल किया है कि वह 1996 में भोपाल गैस कांड के आरोपियों के खिलाफ आरोपों को हल्का करने के 14 साल बाद अब क्यों अदालत के पास पहुंची है। बुधवार को सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने विलंब पर सवाल किया और सीबीआई से पूछा कि उसने इतने साल में कोई पुनरीक्षा याचिका दायर क्यों नहीं की। सीबीआई कीऔरऔर भी

रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने कहा है कि कांग्रेस 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी और इस घोटाले में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एंटनी ने गुरुवार को कोच्चि में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीबीआई 2जी मामले की जांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट, लोक लेखा समिति (पीएसी) और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी0 इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामलेऔरऔर भी